नवजात शिशुओं के लिए ‘संजीवनी’: गुजरात सरकार ने शुरू की 11 अत्याधुनिक नियोनेटल एंबुलेंस
गांधीनगर के स्वर्णिम संकुल-2 में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी और स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने 108 सेवा के तहत 11 नई ‘नियोनेटल एंबुलेंस’ (Neonatal Ambulance) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में शुरू की गई ये एंबुलेंस वेंटिलेटर और इंक्यूबेटर जैसे आधुनिक चिकित्सा उपकरणों (Medical Equipment) से लैस हैं। इनका मुख्य उद्देश्य गंभीर स्थिति वाले नवजात शिशुओं को एक स्वास्थ्य केंद्र से बड़े अस्पताल तक पूरी सुरक्षा के साथ पहुंचाना है। ये एंबुलेंस साबरकांठा, सुरत, राजकोट और डांग जैसे 8 विभिन्न जिलों में तैनात की जाएंगी, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उपचार (Treatment) के अभाव में किसी भी नवजात शिशु की मृत्यु न हो। यह नई सेवा विशेष रूप से उन बच्चों के लिए जीवनदायी साबित होगी जिन्हें जन्म के तुरंत बाद उच्च स्तरीय देखभाल (Specialized Care) की आवश्यकता होती है। कार्यक्रम में वित्त मंत्री कमलेश पटेल और स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी भी उपस्थित रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन अत्याधुनिक एंबुलेंस के माध्यम से शिशुओं का ट्रांसफर (Transfer) सुरक्षित और त्वरित होगा, जिससे राज्य के शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate) में उल्लेखनीय कमी आएगी। सरकार का यह कदम राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली (Public Health System) को और अधिक मजबूत और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

