गांधीनगर में ’24 घंटे पानी’ का दावा फेल: सेक्टर-12 के लोग बूंद-बूंद को तरसे
गांधीनगर के सेक्टर-12 में पिछले कुछ समय से जलापूर्ति (Water Supply) के समय में किए गए बड़े बदलाव के कारण स्थानीय लोगों में भारी असंतोष व्याप्त है। प्रशासन द्वारा शहर में ’24 घंटे पानी’ देने के लुभावने वादे तो किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत (Ground Reality) इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। पहले निवासियों को सुबह 6:00 से 8:30 बजे तक नियमित रूप से ढाई घंटे पानी मिलता था, जिसे अब घटाकर मात्र एक घंटा कर दिया गया है। अचानक हुई इस कटौती से मध्यमवर्गीय और कामकाजी परिवारों की सुबह की पूरी दिनचर्या (Routine) अस्त-व्यस्त हो गई है। लोगों का कहना है कि पर्याप्त दबाव न होने के कारण घर की ऊपरी टंकियां भी नहीं भर पा रही हैं।
स्थानीय निवासियों का तर्क है कि दोपहर के समय पानी देने का कोई औचित्य (Justification) नहीं है, क्योंकि उस वक्त अधिकांश लोग नौकरी या अन्य कामों से घर से बाहर होते हैं। महिलाओं ने शिकायत की है कि सुबह के समय पानी कम आने से खाना पकाने और सफाई के कामों में भारी असुविधा (Inconvenience) हो रही है। निवासियों की स्पष्ट मांग है कि प्रशासन ’24 घंटे पानी’ के कागजी दावों को छोड़ दे और सुबह के समय पहले की तरह ही ढाई घंटे पर्याप्त दबाव (Pressure) के साथ पानी सुनिश्चित करे। सेक्टर-12 के नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति की समस्या का समाधान (Resolution) नहीं हुआ, तो वे नगर निगम कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

