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अहमदाबाद के सेवंथ डे स्कूल पर गंभीर आरोप: 8000 गरीब बच्चों का हक छीनकर वसूली ₹19 करोड़ की फीस

अहमदाबाद के मणिनगर में स्थित ‘सेવન્થ ડે સ્કૂલ’ (Seventh Day School) एक बार फिर बड़े विवादों के घेरे में है। स्कूल पर आरोप है कि प्राथमिक विभाग के लिए आवश्यक माइनॉरिटी सर्टिफिकेट (Minority Certificate) न होने के बावजूद, साल 2017-18 से ‘राइट टू एजुकेशन’ (RTE) के तहत एक भी गरीब छात्र को प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बजाय, स्कूल ने इन आरक्षित सीटों पर सामान्य छात्रों को एडमिशन देकर उनसे अवैध रूप से करीब ₹19 करोड़ की फीस वसूल ली है। सिटी डीईओ (City DEO) रोहित चौधरी के अनुसार, आशलोक एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित इस स्कूल ने अब तक लगभग 8000 जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त शिक्षा के उनके कानूनी अधिकार से वंचित रखा है। स्कूल का माइनॉरिटी स्टेटस पहले ही खारिज (Rejected) किया जा चुका है, फिर भी नियमों का उल्लंघन जारी रहा।

इस पूरे मामले की जांच के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुख्ता सबूत हाई कोर्ट (High Court) में पेश किए हैं। जांच समिति (Inquiry Committee) के बार-बार मांगने पर भी स्कूल प्रशासन अब तक वैध दस्तावेज पेश करने में विफल रहा है। साथ ही, स्कूल में पढ़ रहे 11,000 छात्रों में से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के पात्र विद्यार्थियों के स्कॉलरशिप फॉर्म (Scholarship Form) भरने में भी भारी लापरवाही और उदासीनता देखी गई है। डीईओ ने प्रिंसिपल को सख्त हिदायत दी है कि सभी पात्र छात्रों के फॉर्म तुरंत भरवाए जाएं और अभिभावकों को सूचित किया जाए। फिलहाल, मामला अदालत में विचाराधीन (Sub-judice) है और कोर्ट के आदेश के बाद स्कूल की मान्यता रद्द करने या भारी जुर्माना लगाने जैसी कड़ी कार्रवाई (Strict Action) की जा सकती है।

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