ऐतिहासिक बजट की तैयारी: गुजरात में पहली बार ₹4 लाख करोड़ का आंकड़ा होगा पार, कनु देसाई बनाएंगे रिकॉर्ड
गुजरात विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन वित्त मंत्री कनु देसाई राज्य का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने जा रहे हैं। कनु देसाई लगातार पांचवीं बार बजट पेश कर एक नया रिकॉर्ड (Record) स्थापित करेंगे। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस वर्ष गुजरात का बजट ₹4,00,000 करोड़ की ऐतिहासिक सीमा को पार कर सकता है। यह बजट न केवल राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित होगा, बल्कि आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स और महानगरपालिका चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया एक रणनीतिक (Strategic) कदम माना जा रहा है। राज्य की आय के मुख्य स्रोतों में जीएसटी (GST) और अन्य करों का योगदान 43.22% रहने की उम्मीद है, जबकि केंद्रीय करों में हिस्सेदारी और सार्वजनिक ऋण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बजट के आवंटन (Allocation) में विकासोन्मुख खर्चों पर सबसे अधिक ध्यान दिया गया है, जिसके लिए कुल बजट का 65.57% हिस्सा शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों के लिए आरक्षित रखा जा सकता है। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में बढ़ते बुनियादी निवेश (Infrastructure Investment) और सामाजिक कल्याण की योजनाओं को गति देना है। वहीं, प्रशासनिक खर्चों के लिए 23.45% और ऋण अदायगी के लिए 9.16% राशि खर्च होने का अनुमान है। यह बजट गुजरात के आर्थिक भविष्य (Economic Future) को नई दिशा देने वाला साबित होगा, जिसमें समावेशी विकास और तकनीकी नवाचार पर विशेष जोर दिया जाएगा। विधानसभा में इस वित्तीय योजना (Financial Plan) के पेश होने के बाद विभिन्न वर्गों के लिए नई घोषणाओं की उम्मीद जताई जा रही है।

