अहमदाबाद सिविल के प्रोफेसर से ₹70.65 लाख की लूट, फॉरेक्स ट्रेडिंग में मुनाफे का दिया झांसा
अहमदाबाद के असरवा सिविल अस्पताल में कार्यरत एक असिस्टेंट प्रोफेसर साइबर ठगों की चतुराई का शिकार बन गए हैं। प्लास्टिक सर्जरी विभाग में तैनात 39 वर्षीय डॉक्टर पीयूष मालवे के साथ फॉरेक्स ट्रेडिंग (Forex Trading) में भारी मुनाफे का लालच देकर ₹70.65 लाख की धोखाधड़ी की गई है। इस ठगी की शुरुआत जून 2025 में एक टेलीग्राम (Telegram) विज्ञापन के जरिए हुई थी, जहां ‘संजना’ नाम की एक अज्ञात आईडी से डॉक्टर का संपर्क हुआ। ठगों ने विश्वास जीतने के लिए पहले डॉक्टर से आधार और पैन कार्ड के जरिए एक फर्जी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन (Registration) करवाया और शुरुआती निवेश पर करीब 1 लाख रुपये का मुनाफा उनके बैंक खाते में वापस भेज दिया। इस छोटे मुनाफे ने डॉक्टर का भरोसा जीत लिया, जिसके बाद उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर करना शुरू कर दिया।
साइबर ठगों ने 27 जून से 1 अगस्त 2025 के बीच किश्तों में डॉक्टर से कुल ₹70,65,000 की राशि निवेश (Investment) करवा ली। वेबसाइट पर डॉक्टर को उनके निवेश पर 2.35 लाख अमेरिकी डॉलर का वर्चुअल मुनाफा (Virtual Profit) दिखाया जा रहा था, जिससे उन्हें लगा कि उनकी कमाई बढ़ रही है। हालांकि, जब डॉक्टर ने अपनी मूल राशि और मुनाफे को निकालने (Withdrawal) की कोशिश की, तो वेबसाइट और आईडी को ब्लॉक कर दिया गया और संपर्क काट दिया गया। ठगी का अहसास होने पर डॉक्टर ने अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब उन बैंक खातों और टेलीग्राम लिंक की जांच (Investigation) कर रही है जिनका इस्तेमाल इस डिजिटल लूट को अंजाम देने के लिए किया गया था। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी अब उच्च शिक्षित वर्ग को अपना मुख्य निशाना (Target) बना रहे हैं।

