तमिलनाडु में रिक्शा चालक ने पूर्व वित्त मंत्री को चटाई धूल, ‘जायंट किलर्स’ ने रचा नया इतिहास
हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों (Results) ने पूरे देश को चौंका दिया है, जहां जनता ने लोकतंत्र की असली ताकत दिखाते हुए कई दिग्गज राजनेताओं को पराजय का स्वाद चखाया है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी की 832 सीटों पर हुई मतगणना में सबसे बड़ा उलटफेर पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में देखने को मिला, जहां मौजूदा मुख्यमंत्री अपनी पारंपरिक सीटें नहीं बचा सके। पश्चिम बंगाल में भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर से 15,000 से अधिक मतों के अंतर से हराकर सबको हैरान कर दिया। वहीं, तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कज़गम’ (TVK) ने दशकों पुराने राजनीतिक वर्चस्व (Dominance) को तोड़ते हुए शानदार शुरुआत की है। कोलाथुर सीट पर टीवीके उम्मीदवार वी.एस. बाबू ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को लगभग 9,000 वोटों से हराकर इतिहास रच दिया।
इस चुनाव का सबसे भावुक और प्रेरक परिणाम (Inspiring Result) तमिलनाडु की रोयापुरम सीट से आया, जहां एक सामान्य रिक्शा चालक और टीवीके उम्मीदवार विजय धामु ने एआईएडीएमके के दिग्गज नेता और पूर्व वित्त मंत्री डी. जयकुमार को 55,000 से अधिक वोटों के भारी अंतर से धूल चटाई। इन परिणामों ने साबित कर दिया है कि मतदाता अब केवल बड़े चेहरों के बजाय काम और नए विजन (Vision) को प्राथमिकता दे रहे हैं। पश्चिम बंगाल के कलिमपोंग में भी भाजपा के भरत क्षेत्री ने बड़ी जीत दर्ज की, जिसने पहाड़ी क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ मजबूत की है। इन ‘जायंट किलर्स’ ने यह संदेश दिया है कि लोकतंत्र में कोई भी गढ़ अजेय (Invincible) नहीं है और जनता जब बदलाव का मन बना लेती है, तो बड़े-बड़े राजनीतिक किले ढह जाते हैं। इस ऐतिहासिक फेरबदल ने आगामी राष्ट्रीय राजनीति (Politics) के समीकरणों को भी पूरी तरह बदल दिया है।

