गुजरात में बड़ा शिक्षा घोटाला: मान्यता रद्द हो चुके 70 PTC कॉलेजों को गैरकानूनी रूप से आवंटित किए गए छात्र
गुजरात में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे हजारों छात्रों के भविष्य पर एक बड़े शिक्षा घोटाले के कारण संकट के बादल छा गए हैं। राज्य सरकार द्वारा शिक्षकों की बड़े पैमाने पर भर्ती की घोषणा के बाद पीटीसी (D.El.Ed) कोर्स में छात्रों की होड़ मच गई थी। हालांकि, इस भारी मांग का फायदा उठाते हुए शिक्षा विभाग (Education Department) और निजी कॉलेजों की मिलीभगत से एक संदिग्ध फर्जीवाड़ा सामने आया है। नियमों को ताक पर रखकर राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा मान्यता रद्द (Withdrawn) की जा चुकी लगभग 70 पीटीसी कॉलेजों को अवैध रूप से छात्र आवंटित कर दिए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि इन फर्जी कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों की प्रथम वर्ष की परीक्षा भी संपन्न करा ली गई है और उन्हें मार्कशीट (Marksheet) तक आवंटित कर दी गई है।
जांच और रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे घोटाले की नींव शैक्षणिक सत्र 2025-26 की प्रवेश प्रक्रिया के दौरान रखी गई थी। परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (PAR) जमा न करने के कारण जिन संस्थाओं की मान्यता रद्द कर दी गई थी, उन्होंने कोर्ट के अंतरिम आदेश की आड़ लेकर प्राथमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर 2011 से 2014 के बीच बंद हो चुके संस्थानों में भी दाखिले करा दिए। इतना ही नहीं, डिजिटल पोर्टल (Digital Portal) से कैंसिलेशन ऑर्डर (Cancellation Order) गायब करके पुराना अप्रूवल लेटर (Approval Letter) अपलोड कर दिया गया। बिना किसी आधिकारिक बैठक (Meeting Minutes) के इस तरह का अवैध आवंटन कर छात्रों के भविष्य को अधर में लटका दिया गया है, जिससे पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े हो गए हैं।

