शाकाहारी राज्य में चौंकाने वाले आंकड़े, वर्ष 2024-25 में गुजरात में हुआ 34,045 टन Meat का उत्पादन
देशभर में अपनी अहिंसक और शाकाहारी छवि के लिए पहचाने जाने वाले गुजरात से बूचड़खानों (Slaughterhouses) और मांस उत्पादन को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 10,735 पंजीकृत बूचड़खाने हैं, जबकि 2,176 अवैध कसाईखाने बिना किसी कानूनी डर के चल रहे हैं। वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य में कुल 34,045 टन मांस का उत्पादन दर्ज किया गया है। पोल्ट्री फार्मिंग (Poultry Farming) को बढ़ावा मिलने के कारण सालाना करोड़ों मुर्गियों का कटान किया जा रहा है, जिससे राज्य में कुल मीट प्रॉडक्शन (Meat Production) के आंकड़े में भारी वृद्धि देखने को मिली है।
संसद में पेश किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले तीन वर्षों में गुजरात में कुल 98,895 मीट्रिक टन मांस का उत्पादन हुआ है, जिसमें 9.85 करोड़ से अधिक मुर्गियों का कटान शामिल है। पंजाब, हरियाणा, ओडिशा और केरल जैसे अधिक मांसाहारी आबादी वाले राज्यों की तुलना में गुजरात में स्लॉटरहाउस (Slaughterhouses) की संख्या काफी अधिक पाई गई है। स्थानीय स्तर पर अवैध गैर-शाकाहारी दुकानों और अनधिकृत रेस्टोरेंट्स (Restaurants) को राजनीतिक संरक्षण मिलने के आरोप भी लग रहे हैं। विपक्ष और नागरिकों का कहना है कि प्रशासन और स्थानीय नगर निगम (Municipal Corporation) की ढिलाई के कारण अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।

