ગાંધીનગરગુજરાત

गुजरात सरकार की बड़ी कार्रवाई, विवादित IAS अधिकारियों K. Rajesh और Gaurav Dahiya को अनिवार्य सेवानिवृत्ति

गुजरात सरकार ने भ्रष्टाचार और गंभीर विवादों का सामना कर रहे दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों (IAS officers), के. राजेश और गौरव दहिया को तत्काल प्रभाव से अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory retirement) दे दी है। राज्य के प्रशासनिक इतिहास में यह पहली बार है जब एक ही दिन में दो सनदी अधिकारियों के खिलाफ इतनी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinarian action) की गई है। सुरेंद्रनगर के पूर्व कलेक्टर के. राजेश पर सरकारी जमीन को अवैध रूप से गैर-कृषि (Non-agricultural land) में बदलने और अवैध गन लाइसेंस जारी करने के गंभीर आरोप थे, जबकि पूर्व नेशनल हेल्थ मिशन अधिकारी गौरव दहिया वित्तीय गड़बड़ियों और व्यक्तिगत आचरण से जुड़े विवादों के घेरे में थे।

दूसरी तरफ, भारतमाला प्रोजेक्ट (Bharatmala project) के तहत थराद-अहमदाबाद एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले को लेकर भी सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। अहमदाबाद के असलाली में तैनात सब-रजिस्ट्रार (Sub-registrar) आर.सी. रबारी को भूमि दस्तावेजों के पंजीकरण में अनियमितता बरतने के आरोप में निलंबित (Suspended) कर दिया गया है। जांच में सामने आया कि कृषि भूमि को पहले से ‘गैर-कृषि’ दर्शाकर सरकार से भारी मुआवजा हड़पने का प्रयास किया गया था। प्रशासनिक स्तर पर हुई इन ताबड़तोड़ कार्रवाइयों से पूरे सचिवालय और प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है।

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