गुजरात में समान नागरिक संहिता बनी कानून, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी मंजूरी
गुजरात सरकार द्वारा विधानसभा में पारित किए गए यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल (Uniform Civil Code Bill) को राज्यपाल के बाद अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपनी अंतिम स्वीकृति दे दी है, जिसके साथ ही इसने राज्य में कानून का रूप धारण कर लिया है। सरकार द्वारा ‘दी गुजरात यूनिफॉर्म सिविल कोड, 2026’ (Gujarat Uniform Civil Code, 2026) का आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन (Gazette notification) जारी करते ही यह कानून पूरे राज्य में लागू हो गया है। इस नए कानून के प्रभावी होने से अब पैतृक संपत्ति और उत्तराधिकार (Property inheritance) में महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार प्राप्त होंगे। यह कानून गुजरात राज्य के साथ-साथ राज्य से बाहर रहने वाले मूल निवासियों पर भी लागू होगा।
हालांकि, नए कानून की मुख्य कानूनी प्रविधानों (Legal provisions) के तहत राज्य की जनजातीय आबादी के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। भारतीय संविधान (Indian Constitution) के अनुच्छेद 366(25) और 342 के तहत आने वाले अनुसूचित जनजाति (ST community) के सदस्यों और संविधान के भाग-21 के अंतर्गत संरक्षित समूहों को इस यूसीसी कानून से पूर्ण छूट (Exemption) प्रदान की गई है। इस ऐतिहासिक फैसले के साथ गुजरात समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का एक प्रमुख राज्य बन गया है।

