Gujarat में वायु प्रदूषण का कहर, श्वास संबंधी समस्याएँ बढ़ीं
गुजरात (Gujarat) में प्रदूषण के स्तर (Pollution Level) में लगातार चिंताजनक (Alarming) वृद्धि हो रही है। कोविड-19 (COVID-19) के बाद के वर्षों में क्रॉनिक ऑब्सટ્રક્ટिव पल्मोनરી डिजीज (COPD) यानी श्वास संबंधी समस्या (Respiratory Problem) से पीड़ित मरीजों (Patients) की संख्या में 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जैसे-जैसे सर्दी (Winter) का मौसम शुरू होता है, श्वास संबंधी समस्या वाले लोगों के लिए स्थिति और भी खतरनाक (Dangerous) हो जाती है।
ठंडी हवा (Cold Air) के कारण सर्दियों के मौसम में हवा की गुणवत्ता (Air Quality) में तेजी से गिरावट आती है। ठंडी हवा प्रदूषकों (Pollutants) को जमीन के अधिक करीब रोक कर रखती है, जिससे धूल, धुआँ, महीन कण (Particulates) और गाड़ियों से निकलने वाले धुएँ की मात्रा बढ़ जाती है, जिसे लोग साँस के साथ अंदर लेते हैं। ये प्रदूषक श्वसन नली (Respiratory Tract) में जलन पैदा करते हैं, फेफड़ों की क्षमता (Lung Capacity) को कम करते हैं, और अस्थमा (Asthma) तथा ब्रोंकाइटिस (Bronchitis) जैसी बीमारियों में वृद्धि करते हैं।

