गांधीनगर कोर्ट का बड़ा फैसला: गांजा तस्कर को सलाखों के पीछे भेजा
गांधीनगर जिले के दहेजगाम तालुका के सामेत्री गांव में छह साल पहले हुई एक पुलिस कार्रवाई के मामले में अदालत ने अपना महत्वपूर्ण फैसला (Decision) सुनाया है। साल 2019 में पुलिस ने एक लकड़ी के केबिन पर छापेमारी (Raid) के दौरान अजीत धनाभाई ठाकोर नामक व्यक्ति को दो किलोग्राम गांजे के जत्थे के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ था कि आरोपी यह नशीला पदार्थ कपड़वंज से लाया था, जिसके बाद पुलिस ने नारकोटिक्स एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज किया था। गांधीनगर एडिशनल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज एस.वी. शर्मा की अदालत में इस केस की सुनवाई (Hearing) हुई, जहां सरकारी वकील प्रीतेश डी. व्यास ने समाज में बढ़ती नशे की लत और युवा पीढ़ी पर इसके पड़ने वाले घातक प्रभावों पर कड़ा तर्क दिया।
अदालत ने सरकारी वकील की दलीलों और पुलिस द्वारा पेश किए गए सबूतों (Evidence) को ध्यान में रखते हुए आरोपी को दोषी पाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों का अवैध व्यापार समाज की जड़ों को खोखला कर रहा है और ऐसे अपराधियों के प्रति नरमी नहीं बरती जा सकती। परिणामस्वरूप, अदालत ने आरोपी अजीत ठाकोर को पांच साल की कठोर कैद (Imprisonment) और 25 हजार रुपये के आर्थिक जुर्माने (Fine) की सजा सुनाई है। पुलिस की इस सफलता और कोर्ट के इस कड़े रुख की चर्चा पूरे जिले में हो रही है, जिससे नशे के अवैध कारोबार में शामिल तत्वों में डर का माहौल है।

