આંતરરાષ્ટ્રીય

ट्रंप की क्यूबा को चेतावनी: “आजाद करेंगे या कब्जा”, मियामी के कार्यक्रम में राष्ट्रपति का बड़ा बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक राजनीति में एक और मोर्चा खोलते हुए क्यूबा को सीधी चेतावनी दी है। मियामी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान और वेनेजुएला के बाद अब ‘क्यूबा की बारी’ है। उन्होंने अपनी विशाल सैन्य शक्ति का उल्लेख करते हुए बताया कि यद्यपि वे सेना के उपयोग के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन क्यूबा को “आजाद” करने या उस पर “कब्जा” करने के लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने क्यूबा की वर्तमान स्थिति को ‘फ्रेंडली टेकओवर’ (Friendly Takeover) की संभावना के रूप में देखते हुए कहा कि उनके पास क्यूबा के साथ ‘कुछ भी’ करने की पूरी क्षमता है। वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के बाद क्यूबा को मिलने वाली ईंधन की आपूर्ति बंद हो गई है, जिससे वहां गंभीर ऊर्जा संकट (Energy Crisis) पैदा हो गया है और देश अंधेरे में डूबा हुआ है।

एक तरफ जहां ट्रंप तीखे सैन्य हमले की धमकी दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक (Diplomatic) माध्यमों से भी दबाव बनाने की राजनीति तेज हो गई है। अमेरिका का मुख्य लक्ष्य क्यूबा के वर्तमान राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कानेल को पद से हटाना और वहां अपनी पसंद की व्यवस्था स्थापित करना है। क्यूबा की राजधानी हवाना फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी सीधे सैन्य संघर्ष (Military Conflict) से बचने के लिए बातचीत का रास्ता तलाश रही है, लेकिन ट्रंप का रुख बेहद सख्त नजर आ रहा है। वेनेजुएला से मदद बंद होने के कारण क्यूबा में बिजली कटौती और आवश्यक वस्तुओं की भारी किल्लत हो गई है, जिसका फायदा उठाकर अमेरिका वहां अपनी रणनीतिक (Strategic) पकड़ मजबूत करना चाहता है। ट्रंप के इस रुख ने पूरे कैरेबियन क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है और वैश्विक नेताओं की नजरें अब व्हाइट हाउस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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