पीएम मोदी का ‘टीम इंडिया’ मंत्र: मुख्यमंत्रियों के साथ डिजिटल बैठक में युद्ध के खतरों से निपटने का बना मास्टरप्लान
पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के संकट को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वरिष्ठ मंत्रियों के एक अनौपचारिक समूह की पहली महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वैश्विक संघर्ष के कारण भारत की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण (Analysis) करना था। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन या जरूरी सामानों की कोई कमी नहीं है और विदेश मंत्रालय वहां फंसे भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता (Assistance) प्रदान करने के लिए लगातार काम कर रहा है। इससे पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ डिजिटल माध्यम से संवाद कर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा (Review) की, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, पीएम मोदी ने इस संकट के समय में ‘टीम इंडिया’ (Team India) की भावना पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने राज्यों को याद दिलाया कि भारत के पास कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारियों और संकटों से निपटने का सफल अनुभव (Experience) है। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है, जिससे सप्लाई चेन (Supply Chain) और व्यापार पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सकता है। उन्होंने सभी मुख्यमंत्रियों से सतर्क रहने और बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप त्वरित कार्यवाही (Action) करने का आग्रह किया है। सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि पश्चिम एशिया के तनाव का सीधा असर भारतीय नागरिकों के सामान्य जीवन और देश की आर्थिक स्थिरता पर न पड़े।

