Venezuela में भूकंप से भारी तबाही, मरने वालों का आंकड़ा 10 हजार पार होने की आशंका
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला (Venezuela) में बुधवार को आए एक विनाशकारी भूकंप ने भीषण मानवीय और प्राकृतिक आपदा का रूप ले लिया है, जिससे चारों तरफ चीख-पुकार मची हुई है। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे यानी यूएसजीएस (USGS) ने इस त्रासदी को लेकर एक बेहद डरावनी और चौंकाने वाली चेतावनी जारी की है, जिसके अनुसार इस प्रचंड भूकंप के कारण मरने वालों की कुल संख्या 10,000 (दस हजार) के पार जा सकती है। अमेरिकी भूवैज्ञानिकों के मुताबिक, देश के उत्तरी तटीय इलाके में मात्र 40 सेकंड के अंतराल पर दो भीषण झटके महसूस किए गए, जिसमें पहला झटका 7.1 की तीव्रता का एक ‘फोरशॉक’ (Foreshock) था और उसके ठीक बाद 7.5 की तीव्रता का मुख्य विनाशकारी भूकंप (Earthquake) आया। इस आपदा का केंद्रबिंदु (Epicenter) मोंटाल्बान से उत्तर-पश्चिम में 28 किलोमीटर दूर दर्ज किया गया है, जो देश की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों का मुख्य क्षेत्र माना जाता है। भूकंप इतना शक्तिशाली था कि इसके झटके घटना स्थल से लगभग 1,700 किलोमीटर दूर ब्राजील के अमेजन जंगलों तक महसूस किए गए, जहां सुरक्षा के लिहाज से कई इमारतों को खाली कराया गया।
भूकंप के बाद राजधानी कराकस सहित देश के कई प्रमुख शहरों के दृश्य बेहद हृदयविदारक हैं, जहां देखते ही देखते बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं और चारों तरफ धूल के गुबार छा गए। इस भयंकर तबाही के बीच वेनेजुएला के कई प्रभावित क्षेत्रों में सेलफोन नेटवर्क (Network) और इंटरनेट सिग्नल पूरी तरह गायब हो गए हैं, जिससे संचार व्यवस्था (Communication System) ठप हो गई है और लोग मलबे में दबे अपने प्रियजनों से संपर्क करने के लिए बेबस नजर आ रहे हैं। इस संकट की घड़ी में विदेशों में रह रहीं देश की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करके सभी नागरिकों से धैर्य, शांति और एकता बनाए रखने की मार्मिक अपील की है। फिलहाल, सेना और अंतरराष्ट्रीय बचाव दल (Rescue Team) मलबे को हटाने और जिंदगी की तलाश में युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में जुटे हैं, लेकिन संचार ठप होने और बुनियादी सुविधाओं के नष्ट होने से राहत कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

