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इंडोनेशियाई संसद में पीएम मोदी का बड़ा बयान: राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ दोस्ती को बताया कॉपीराइट की सीमाओं से परे, दोनों देशों के रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया (Indonesia) की आधिकारिक यात्रा के दौरान एक बेहद ऐतिहासिक और कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नजारा देखने को मिला, जब उन्होंने वहां की संसद को संबोधित किया। अपने संबोधन (Address) के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के नए राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ अपनी गहरी और व्यक्तिगत दोस्ती का विशेष रूप से जिक्र किया। पीएम मोदी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि आज सुबह राष्ट्रपति प्रबोवो ने अनौपचारिक रूप से कॉपीराइट की बात की थी, लेकिन भारत और इंडोनेशिया के बीच के इस गहरे प्यार, स्नेह और आपसी सम्मान पर दुनिया में किसी का भी कॉपीराइट नहीं हो सकता है। दोनों नेताओं के बीच की यह बेहतरीन केमिस्ट्री (Chemistry) हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर काफी मजबूत होकर उभरी है, जिसने दोनों लोकतांत्रिक देशों के राजनयिक संबंधों को एक नए शिखर पर पहुंचा दिया है।

इस महत्वपूर्ण संसदीय संबोधन (Parliamentary Speech) के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने पर विशेष बल दिया। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापार, समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) और सांस्कृतिक विरासत को साझा रूप से आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर रणनीतिक चर्चा की जा रही है। द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों ही नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि वैश्विक शांति और आर्थिक प्रगति के लिए एशिया के इन दो बड़े देशों का साथ आना बेहद जरूरी है। पीएम मोदी का यह ताजा बयान दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक सहयोग और वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत होती रणनीतिक ताकत (Strategic Strength) को साफ तौर पर दर्शाता है।

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