निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को बड़ी राहत: वित्त मंत्रालय ने EPF वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने को दी मंजूरी
निजी क्षेत्र में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने अनिवार्य रिटायरमेंट फंड कवरेज के लिए वेतन सीमा को ₹15,000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उल्लेखनीय है कि यह सीमा पिछले एक दशक से भी अधिक समय (वर्ष 2014) से नहीं बदली गई थी। वर्तमान में केवल वही कर्मचारी अनिवार्य रूप से कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के दायरे में आते हैं जिनकी बेसिक सैलरी ₹15,000 तक है। नई वेतन सीमा लागू होने के बाद ₹15,000 से ₹25,000 कमाने वाले वेतनभोगी भी अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा कवरेज (Social Security Coverage) के दायरे में आ जाएंगे, जिससे उनके दीर्घकालिक वित्तीय भविष्य को मजबूती मिलेगी।
मंत्रालय के अनुसार, शुरुआती चरण में इस सीमा को ₹30,000 तक बढ़ाने पर भी विचार किया गया था, लेकिन व्यापक समीक्षा के बाद ₹25,000 की सीमा पर सहमति बनी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet Approval) की औपचारिक मुहर मिलने के बाद सरकार इसके लागू होने की अंतिम तिथि की घोषणा करेगी। हालांकि, कंपनियों को अपने पेरोल सिस्टम (Payroll System) और कंप्लायंस में बदलाव के लिए संक्रमण काल (Transition Period) दिया जा सकता है, जिससे यह नया नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होने की संभावना है। इस सीमा विस्तार से केंद्र सरकार पर भी बजटीय बोझ बढ़ेगा, क्योंकि सरकार पेंशन योजना (EPS) में 1.16% का योगदान देती है, जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में ₹11,144 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।

