देशव्यापी बैंक हड़ताल, कामकाज ठप
देशभर में बैंकिंग क्षेत्र के लंबित मुद्दों को लेकर आज यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल (Strike) और प्रदर्शन किया। अहमदाबाद सहित पूरे गुजरात में लगभग 75,000 कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हुए, जिससे राज्य में करीब 15,000 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन (Financial transactions) और क्लियरिंग हाउस का काम पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में एलआईसी और अन्य केंद्रीय विभागों की तर्ज पर बैंकों में भी 5-डे बैंकिंग (5-Day Banking) लागू करना शामिल है, जिसके बदले कर्मचारी रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को भी तैयार हैं। इसके अलावा, आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) के निजीकरण को रोकने और प्रॉफिट लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) के समान वितरण की भी मांग की जा रही है।
महागुजरात बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के अनुसार, केंद्रीय वित्त मंत्रालय और केंद्रीय श्रम आयुक्त के साथ वार्ता के बावजूद कोई सकारात्मक समाधान (Solution) न निकलने के कारण कर्मचारियों को सड़कों पर उतरना पड़ा। हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी (Warning) दी कि यदि उनकी मांगों का जल्द निवारण नहीं किया गया, तो 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी और उसके बाद अक्टूबर से अनिश्चितकालीन (Indefinite) हड़ताल शुरू होगी। इस देशव्यापी आंदोलन में 7.5 लाख से अधिक बैंककर्मी हिस्सा ले रहे हैं, जिससे पूरे देश में सामान्य बैंकिंग सेवाएं (Banking services) बुरी तरह चरमरा गई हैं।

