हड़ताल: अहमदाबाद में 2 लाख ऑटो-टैक्सी के पहिए थमे
अहमदाबाद शहर और उसके आसपास के इलाकों में आज से 10 सितंबर तक लगभग 2 लाख ऑटो-रिक्शा और टैक्सी (Taxi) की सेवाएं बंद रहेंगी। ऑनलाइन बुकिंग (Online booking) प्लेटफॉर्म्स जैसे ओला, उबर, रैपिडो और भारत टैक्सी के एग्रीगेटर्स (Aggregators) द्वारा चालकों को सही मुआवजा न दिए जाने का आरोप लगाते हुए यह हड़ताल बुलाई गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि स्कूल रिक्शा और वैन की सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी। यूनियनों का कहना है कि सीएनजी (CNG) गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन कंपनियां आपस की प्रतिस्पर्धा में बहुत कम किराया वसूल रही हैं, जिससे ड्राइवरों को प्रति किलोमीटर केवल 8 से 10 रुपये ही मिलते हैं और इतनी कम आय (Income) में घर चलाना मुश्किल हो गया है।
फिलहाल यह हड़ताल (Strike) अहमदाबाद, गांधीनगर और साणंद क्षेत्रों तक ही सीमित है, लेकिन यूनियनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 10 सितंबर तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो इस आंदोलन को पूरे राज्य में फैलाया जाएगा। चालकों ने आरटीओ (RTO) और सरकारी कार्यालयों का घेराव करने के साथ-साथ एक विशाल रैली (Rally) निकालने की भी तैयारी की है। लगातार चार दिनों तक सेवाएं प्रभावित रहने के कारण आम नागरिकों, दैनिक यात्रियों (Commuters) और विशेष रूप से रेलवे स्टेशन तथा एयरपोर्ट (Airport) जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

