खेल महाकुंभ: ऑन-ग्राउंड उपस्थिति पर सवाल, कागजों और मैदान की स्थिति अलग
गुजरात में आगामी खेल महाकुंभ का ऑनलाइन पंजीकरण (Online registration) शुरू होते ही आंकड़ों को बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। पिछले साल यानी 2024-25 के खेल महाकुंभ 3.0 में 39 खेलों के लिए कुल 71.30 लाख खिलाड़ियों ने नामांकन कराया था, जबकि इस बार इस आंकड़े को और बड़ा दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, शिक्षा विभाग और खेल विभाग द्वारा स्कूलों और कॉलेजों को निश्चित लक्ष्य (Registration targets) दिए गए हैं। पीटी शिक्षकों और कोचों को रोजाना 1000 से 1500 खिलाड़ियों की प्रविष्टि करने के मौखिक निर्देश दिए गए हैं, जिससे शैक्षणिक संस्थानों पर काम का अतिरिक्त दबाव (Work pressure) काफी बढ़ गया है।
प्रशासन द्वारा सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन कराने वाले शीर्ष तीन संस्थानों को क्रमशः 5 लाख, 3 लाख और 2 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। हालांकि, खेल विशेषज्ञों का मानना है कि पोर्टल (Online portal) पर दिखने वाले आंकड़े और मैदान की वास्तविक स्थिति में भारी अंतर होता है। कई स्कूल केवल संख्या बढ़ाने के लिए छात्रों का नाम दर्ज कर लेते हैं, लेकिन प्रतियोगिता के दिन मैदान पर बहुत कम खिलाड़ी उपस्थित (On-ground attendance) होते हैं। कागजी आंकड़ों के इस अंतर के कारण खेल प्रतियोगिता में वास्तविक रूप से भाग लेने वाले खिलाड़ियों का सटीक विवरण सामने नहीं आ पाता है।

