देश के 250 जिलों में 25% युवा बेरोजगार, सरकारी रिपोर्ट में खुलासा
भारत दुनिया में सबसे अधिक युवा आबादी वाला देश होने का गौरव रखता है, लेकिन इस मानव संसाधन की वास्तविक क्षमता के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (Periodic Labour Force Survey) की 2025 की रिपोर्ट ने एक चिंताजनक तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के लगभग 250 जिलों में 15 से 29 वर्ष की आयु के कम से कम 25 प्रतिशत युवा पूरी तरह से निष्क्रिय हैं। इस स्थिति को तकनीकी भाषा में नीट (NEET – Not in Employment, Education or Training) श्रेणी कहा जाता है, यानी ऐसे युवा जो न तो कोई नौकरी कर रहे हैं, न पढ़ाई कर रहे हैं और न ही किसी प्रकार का कौशल प्रशिक्षण (Skill training) ले रहे हैं।
यह स्थिति देश के सामाजिक और आर्थिक विकास (Socio-economic development) के लिए एक बड़ी चुनौती और खतरे की घंटी साबित हो सकती है। नीति आयोग (NITI Aayog) के पिछले अनुमानों के अनुसार भी देश में करोड़ों युवा इसी श्रेणी के अंतर्गत आते हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों के लगभग दो-तिहाई जिलों में हर 4 में से 1 युवा किसी भी उत्पादक गतिविधि से नहीं जुड़ा है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और असम के भी आधे जिलों में यही स्थिति बनी हुई है, जो कौशल विकास (Skill development) और नए रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत को रेखांकित करती है।

