वाइब्रेंट नवरात्रि में पास फीस को लेकर गरमाई राजनीति, कांग्रेस का सरकार पर हमला
गुजरात में नवरात्रि उत्सव की धूम के बीच अहमदाबाद के जीएमडीसी ग्राउंड (GMDC Ground) में राज्य सरकार द्वारा आयोजित ‘वाइब्रेंट नवरात्रि’ में प्रवेश शुल्क लागू किए जाने को लेकर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. पार्थिवराज कठवाड़िया ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि निजी क्लबों की तर्ज पर अब सरकार भी धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों का व्यवसायीकरण (Commercialization) कर रही है। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के लोग जहां मुफ्त में गरबा खेलने आते थे, वहां अब ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म (Booking platform) बुकमायशो के जरिए ₹100 से लेकर ₹33,000 तक के पास बेचे जा रहे हैं, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
दूसरी ओर, सरकार ने विपक्ष के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्थिति स्पष्ट की है। गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि कांग्रेस नेता अधूरी जानकारी के आधार पर भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन रखे गए ये पास किसी व्यावसायिक लाभ (Commercial profit) के लिए नहीं, बल्कि केवल व्यवस्था और सुरक्षा (Security and management) बनाए रखने के लिए ‘टोकन दर’ पर उपलब्ध कराए गए हैं। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गरबा प्रेमियों को प्रवेश के लिए लंबी कतारों में न खड़ा होना पड़े और उन्हें मैदान में सुगम व सुरक्षित एंट्री (Smooth entry) मिल सके।

