गुजरात और अहमदाबाद में बेकाबू होती रफ्तार, सड़क हादसों का ग्राफ चिंताजनक स्तर पर पहुंचा
अहमदाबाद सहित पूरे गुजरात में सड़क हादसों (Road accidents) का ग्राफ अत्यंत चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी द्वारा जारी सख्त दिशा-निर्देशों के बावजूद, राज्य के हाईवे से लेकर स्मार्ट सिटी अहमदाबाद के आंतरिक मार्गों पर स्पीड लिमिट के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में होने वाले कुल घातक हादसों में से 95 प्रतिशत से अधिक दुर्घटनाएं केवल ओवरस्पीडिंग (Over-speeding) के कारण होती हैं, जिसकी वजह से रोजाना 21 से अधिक लोगों की जान जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स (Central Motor Vehicle Rules) के तहत सभी वाहनों में स्पीड लिमिटिंग डिवाइस लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर ये नियम केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं।
अहमदाबाद शहर में ट्रैफिक पुलिस द्वारा चार पहिया वाहनों के लिए 70 किमी/घंटा और दो पहिया वाहनों के लिए 60 किमी/घंटा की गति सीमा तय की गई है, लेकिन एस.जी. हाईवे और एस.पी. रिंग रोड पर वाहन इससे दोगुनी गति से दौड़ते हैं। गुजरात रोड सेफ्टी अथॉरिटी के डेटा के मुताबिक, राज्य में औसतन रोजाना 48 से अधिक दुर्घटनाएं होती हैं। वर्ष 2026 के जुलाई महीने तक राज्य में हादसों का आंकड़ा 16,112 तक पहुंच गया है, जो पिछले पूरे वर्ष के कुल आंकड़ों का 88 प्रतिशत है। इसके अलावा, सड़क हादसों में घायलों की संख्या में 28.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें अहमदाबाद सबसे आगे है।

