गुजरात के किसानों पर ₹1.68 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज, केंद्र सरकार के आंकड़ों में चौंकाने वाला खुलासा
कृषि प्रधान राज्यों के किसान किस कदर कर्ज के गंभीर बोझ तले दब रहे हैं, इसका चौंकाने वाला खुलासा केंद्र सरकार के आधिकारिक आंकड़ों से हुआ है। आर्थिक रूप से समृद्ध माने जाने वाले गुजरात में कृषि ऋण (Agricultural loan) की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है। केंद्रीय रिपोर्ट के अनुसार, अकेले गुजरात के किसानों पर कुल ₹1,68,460.93 करोड़ का बकाया लोन है। इसमें से अल्पकालिक फसल ऋण (Crop loan) का बोझ ₹1,05,097.25 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है, जो बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों के संयुक्त फसल ऋण से भी कहीं अधिक है। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि बीज, उर्वरक और बिजली जैसे दैनिक खर्चों के लिए किसान पूरी तरह बैंकिंग व्यवस्था पर निर्भर हैं।
इसके अलावा, ट्रैक्टर खरीद, टपक सिंचाई और कृषि आधुनिकीकरण (Agricultural modernization) के लिए लिया गया लॉन्ग टर्म लोन (Term loan) भी ₹63,363.68 करोड़ बकाया बोल रहा है। गुजरात में कृषि लागत (Farming operational cost) में बेतहाशा बढ़ोतरी, खाद-कीटनाशकों के आसमान छूते दाम और अनिश्चित मौसम के कारण फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके चलते किसान बैंक से लिया गया कर्ज और उसकी किश्तें चुकाने में बेहद असमर्थ साबित हो रहे हैं। सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि राज्य का किसान कर्ज के दुष्चक्र (Debt trap) में बुरी तरह फंसता जा रहा है।

