सुरेंद्रनगर में BPCL पाइपलाइन के खिलाफ किसानों का उग्र विरोध, काम रुका
सुरेंद्रनगर जिले में भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) की पाइपलाइन बिछाने की परियोजना के खिलाफ स्थानीय किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। किसानों का आरोप है कि उन्हें जमीन के बदले उचित मुआवजा (Adequate compensation) नहीं दिया जा रहा है और वादे के मुताबिक समतलीकरण या मिट्टी का काम भी नहीं किया गया है। इस उग्र विरोध के कारण मूली तहसील (Muli taluka) के धर्मेंद्रगढ़, उमरडा और चोरवीरा गांवों की लगभग 100 बीघा कृषि भूमि पर पाइपलाइन का निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों का स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता, वे पाइपलाइन का काम शुरू नहीं होने देंगे।
पीड़ित किसानों का कहना है कि प्रशासन द्वारा एक वर्ग मीटर जमीन का महज ₹12 मुआवजा दिया जा रहा है, जो बेहद अन्यायपूर्ण है। इसके अलावा जिस जगह से पाइपलाइन गुजरती है, वहां अगले 5 सालों तक फसल नहीं होने के कारण होने वाले नुकसान (Crop loss) का मुद्दा भी अधर में लटका हुआ है। किसानों ने जंत्री दर (Jantry rate) के 4 गुना मुआवजे की मांग को लेकर मामलतदार और डिप्टी कलेक्टर (Deputy Collector) को बार-बार ज्ञापन दिया है, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आया है। अधिकारियों की उपेक्षा से आक्रोशित किसानों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन (Farmers agitation) जारी रखने की घोषणा की है।

