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अहमदाबाद में प्रदूषण पर बड़े-बड़े दावे हवा-हवाई, 2026 में एक दिन भी शुद्ध हवा नसीब नहीं हुई

अहमदाबाद शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के प्रशासनिक दावों और करोड़ों रुपये के खर्च के बावजूद जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक बनी हुई है। वर्ष 2026 में अक्टूबर महीने तक अमदावादियों को एक भी दिन शुद्ध हवा सांस लेने के लिए नसीब नहीं हुई है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के बीते 303 दिनों में से 179 दिन वायु गुणवत्ता (Air Quality) ‘मध्यम’ श्रेणी की रही, जबकि 70 दिन हवा स्वास्थ्य के लिए ‘अत्यंत हानिकारक’ दर्ज की गई। शहर की औद्योगिक इकाइयों की चिमनियों से रात के समय बेधड़क निकलने वाला जहरीला धुआं, टूटी सड़कों की उड़ती धूल, नए निर्माण कार्य (Construction activities) और पीराणा डंपिंग साइट (Pirana dumping site) के कचरे के पहाड़ इस प्रदूषण को लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंचा रहे हैं।

मानसून के दौरान मई और जून के महीनों में जो एयर क्वालिटी इंडेक्स (Air Quality Index) 72 से 75 के आसपास सामान्य था, वह अक्टूबर महीना आते ही सीधे 150 के पार पहुंच गया है। सर्दियों की शुरुआत और आगामी त्योहारों के समय प्रदूषण के और अधिक भयावह स्तर पर पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। पर्यावरण सुधार के नाम पर सरकारी तंत्र द्वारा किए जा रहे बड़े-बड़े दावों और जमीनी स्थिति के बीच का यह बड़ा अंतर अब आम जनता के स्वास्थ्य (Public health) के लिए एक गंभीर संकट बन चुका है, जिससे शहर के लोगों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

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