गुजरात में ‘मावठे’ का प्रहार: भीग रहे खेत, बढ़ रही किसानों की टेंशन
गुजरात में कड़ाકે की ठंड के बीच अचानक मौसम ने करवट ली है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश (Unseasonal Rain) का दौर शुरू हो गया है। गुरुवार सुबह नवसारी, सूरत અને પાટણ जैसे क्षेत्रों में हुई हल्की से मध्यम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव वेस्टर्न डिસ્ટર્બન્સ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण हुआ है। राजकोट, पोरबंदर और कच्छ के ग्रामीण इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई है। बादलों की आवाजाહી और रुक-रુક कर हो रही इस बारिश ने पूरी सर्दी के सीजन का मिजाज ही बदल दिया है, जिससे जनजीवन पर भी व्यापक प्रभाव (Impact) पड़ा है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बिन-मौसम बरसात रबी सीजन की फसलों के लिए किसी खतरे (Danger) से कम नहीं है। विशेष रूप से जीरा, धनिया और गेहूं जैसी संवेदनशील फसलों में फંગસ और अन्य बीमारियों के फैलने का डर बना हुआ है। तेज हवाओं के कारण खड़ी फसलें जमीन पर गिर गई हैं, जिससे पैदाવાર में भारी गिरावट की आशंका है। इसके अलावा, आम और चीकू के पेड़ों पर आए फूल (Blooms) झड़ने से बागवानी करने वाले किसानों को भी आर्थिक नुकसान (Financial Loss) झेलना पड़ सकता है। मौसम विभाग (Weather Department) ने आने वाले दिनों में उत्तर गुजरात और सौराष्ट्र के कुछ और जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके बाद तापमान में और गिरावट आने से ठंड का प्रकोप बढ़ेगा।

