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ट्रंप की नजर अब ग्रीनलैंड पर: नाटो गठबंधन में पड़ी बड़ी दरार, यूरोप ने दी ‘युद्ध’ की चेतावनी

वेनेजुएला के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जे की योजना के संकेतों ने दुनिया भर में भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव पैदा कर दिया है। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर द्वारा ग्रीनलैंड पर डेनमार्क के अधिकारों को चुनौती देने के बाद 75 साल पुराना नाटो (NATO) गठबंधन टूटने की कगार पर है। मिलर के बयान कि ‘आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा होना चाहिए’, ने यूरोपीय देशों को नाराज कर दिया है। इसके जवाब में फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन सहित आठ यूरोपीय देशों के नेताओं ने एक संयुक्त बयान (Joint Statement) जारी कर अमेरिका की कड़ी निंदा की है और स्पष्ट किया है कि ग्रीनलैंड केवल वहां के लोगों और डेनमार्क का है।

जर्मनी के विदेश मंत्री ने इस मुद्दे पर अत्यंत सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जा करने का प्रयास करता है, तो इसे यूरोप के खिलाफ युद्ध की घोषणा (Declaration of War) माना जाएगा। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने भी दो टूक शब्दों में कहा है कि अमेरिका का ऐसा कोई भी कदम नाટો के अंत का कारण बनेगा। राजनयिक गलियारों में इस विवाद को गठबंधन की संप्रभुता (Sovereignty) पर सीधा हमला माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ट्रंप प्रशासन अपनी इस योजना पर आगे बढ़ता है, तो अंतरराष्ट्रीय मंच (International Forum) पर अमेरिका अलग-थलग पड़ सकता है, जिससे वैश्विक सुरक्षा समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे।

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