ट्रेड डील पर आर-पार: भारत-अमेरिका समझौते के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, देशभर में आयोजित होंगे ‘किसान सम्मेलन’
भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में संपन्न हुए व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर देश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस पार्टी ने इस समझौते को किसान विरोधी बताते हुए विभिन्न राज्यों में बड़े पैमाने पर ‘किसान सम्मेलन’ आयोजित करने का निर्णय लिया है। कांग्रेस का दावा है कि इस डील के कारण भारतीय किसानों के हितों को नजरअंदाज किया गया है और इससे उनकी आजीविका पर नकारात्मक (Negative) असर पड़ेगा। अपनी रणनीति को धार देने के लिए कांग्रेस नेतृत्व ने कई किसान संगठनों के नेताओं के साथ बैठकों का दौर (Meeting Series) शुरू कर दिया है। इन सम्मेलनों के माध्यम से पार्टी किसानों को यह समझाने का प्रयास करेगी कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नए नियम कैसे उनकी आर्थिक स्थिति को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
इस विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक (Conference) में इन राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों और विधायक दल के नेताओं ने भी हिस्सा लिया, जहां सर्वसम्मति से विभिन्न राज्यों में जमीनी स्तर पर विरोध कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला लिया गया। कांग्रेस का मानना है कि इस वैश्विक समझौते (Global Agreement) से स्थानीय कृषि उत्पादों की मांग कम हो सकती है और विदेशी प्रतिस्पर्धा (Competition) के कारण छोटे किसानों को भारी घाटा होगा। पार्टी अब इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख (Aggressive Stance) अपनाते हुए सरकार को घेरने की तैयारी में है।

