ગુજરાત

अंबेडकर यूनिवर्सिटी में फीस का बड़ा धमाका: छात्राओं के लिए 317% तक बढ़ी फीस, छात्रों की जेब पर भारी बोझ

गुजरात की एकमात्र सरकारी ओपन यूनिवर्सिटी, बाबासाहेब अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी (BAOU) ने यूजी और पीजी सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस में भारी बढ़ोतरी करके छात्रों को बड़ा झटका दिया है। फीस रेगुलेशन कमेटी (Regulation Committee) के नए नियमों के अनुसार, अब छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग फीस का प्रावधान खत्म कर दिया गया है। बीए (BA) जैसे कोर्स के लिए जहां पहले छात्राओं को 1200 रुपये देने पड़ते थे, वहीं अब उन्हें 5000 रुपये वार्षिक फीस चुकानी होगी। इसके अलावा, बीएड (B.Ed) जैसे पेशेवर कोर्स की फीस भी 20 हजार से बढ़ाकर सीधे 35 हजार रुपये कर दी गई है। इस अचानक हुए बदलाव (Change) से मध्यम वर्ग के उन हजारों छात्रों की शिक्षा पर संकट मंडरा रहा है जो दूरस्थ शिक्षा (Distance Learning) पर निर्भर हैं।

इस फीस वृद्धि को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी विरोध तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन सौंदर्यीकरण और फिजूलखर्ची पर लाखों रुपये खर्च कर रहा है, जबकि गरीब विद्यार्थियों पर 178% से 317% तक का बोझ डाल दिया गया है। पार्टी का कहना है कि जहां एक तरफ महिला सशक्तिकरण की बातें होती हैं, वहीं छात्राओं की फीस में इतनी बड़ी वृद्धि उन्हें उच्च शिक्षा (Higher Education) से वंचित कर सकती है। यूनिवर्सिटी के 500 से अधिक अध्ययन केंद्रों (Study Centres) पर पढ़ने वाले एक लाख से अधिक छात्रों के भविष्य को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल छात्र संगठनों द्वारा इस बढ़ी हुई फीस (Fee Hike) को वापस लेने की मांग की जा रही है।

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