गुजरात से नई शुरुआत: पीएम मोदी और जर्मन चांसलर ने भविष्य के लिए तैयार किया ‘रोडमैप’
भारत और जर्मनी के बीच आज 12 जनवरी को रक्षा और तकनीक (Technology) के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने क्रिटिकल मिनरल्स, सेमीकंडक्टर (Semiconductor) और शिक्षा सहित कुल चार बड़े समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी ने इन समझौतों को दोनों देशों के बीच अटूट भरोसे का प्रतीक बताया और रक्षा व्यापार (Defense Trade) के लिए एक ठोस रणनीति तैयार करने पर जोर दिया। यह द्विपक्षीय वार्ता न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) को भी नई ऊर्जा मिली है।
आज का दिन भारत के लिए कूटनीतिक (Diplomatic) और भविष्य की रणनीतियों के लिहाज से बेहद खास रहा। एक ओर जहाँ पूरा देश स्वामी विवेकानंद की जयंती मना रहा है, वहीं दूसरी ओर गुजरात की धरती से भारत और जर्मनी के संबंधों की एक नई नींव रखी गई है। जर्मन चांसलर की इस यात्रा के दौरान हुए समझौतों का सीधा सकारात्मक प्रभाव सुरक्षा, शिक्षा और तकनीकी विकास पर पड़ेगा। दोनों नेताओं के बीच भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए एक विस्तृत रोडमैप (Roadmap) तैयार किया गया है। यह सहयोग विशेष रूप से उच्च तकनीक वाले क्षेत्रों में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में मील का पत्थर (Milestone) साबित होगा।

