गांधीनगर में वोटर लिस्ट पर घमासान: 3.85 लाख लोगों को नोटिस, नाम बचाने के लिए सबूतों के साथ कतार में मतदाता
गांधीनगर जिले में मतदाता सूची (Voter List) को शुद्ध करने की प्रक्रिया के तहत ‘फॉर्म नंबर-7’ के उपयोग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव विभाग द्वारा की जा रही इस कार्यवाही में जिले के लगभग 3.85 लाख मतदाताओं को नोटिस (Notice) जारी किए गए हैं। इनमें वे लोग शामिल हैं जिनका मैपिंग नहीं हुआ है या जिनका डेटा तकनीकी रूप से मेल नहीं खा रहा है। गांधीनगर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के लिए सेक्टर-15 स्थित कॉलेज में विशेष सुनवाई (Hearing) आयोजित की जा रही है, जहाँ मतदाता अपने निवास प्रमाण पत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ अपनी आपत्ति दर्ज कराने पहुँच रहे हैं। विपक्ष और जागरूक नागरिकों ने आरोप लगाया है कि कई पात्र मतदाताओं के नाम भी गलत तरीके से सूची से हटा दिए गए हैं।
चुनाव प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्लास-1 अधिकारियों को सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ERO) के रूप में नियुक्त किया है। अधिकारी प्रत्येक मामले की गहनता से जांच (Verification) कर रहे हैं ताकि किसी भी वास्तविक नागरिक का वोट न कटे। दूसरी ओर, नागरिक संगठनों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर नोटिस जारी करने से मतदाताओं में असुरक्षा और असमंजस (Confusion) पैदा हो रहा है। प्रशासन का दावा है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी (Transparent) है और केवल साक्ष्यों के आधार पर ही नाम हटाने या रखने का निर्णय लिया जाएगा। चुनावी माहौल के बीच मैपिंग की गलतियों को लेकर शुरू हुई यह कवायद अब एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बन गई है।

