सालांगपुर में भक्ति का महासंगम: कष्टभंजन देव मंदिर में 51 हजार किलो ऑर्गेनिक रंगों से खेला गया ‘दिव्य रंगोत्सव’, उमड़े डेढ़ लाख भक्त
गुजरात के प्रसिद्ध सालांगपुर कष्टभंजन देव मंदिर में आज होली और धुलेंडी के पावन अवसर पर ‘दिव्य रंगोत्सव’ का भव्य आयोजन (Event) किया गया। इस उत्सव की सबसे बड़ी विशेषता (Feature) यह रही कि भक्तों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए छोटा उदयपुर से विशेष रूप से मंगवाए गए 51 हजार किलो हर्बल और ऑर्गेनिक रंगों (Organic Colors) का उपयोग किया गया। मंदिर परिसर में सुबह की आरती और सामूहिक हनुमान चालीसा के पाठ के साथ उत्सव का शुभारंभ हुआ, जिसमें देश-विदेश से आए लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। हनुमान जी महाराज को भी पांच रंगों वाले विशेष वस्त्र (Attire) और रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया था, जिसकी भव्यता देखते ही बनती थी।
श्रद्धालुओं पर रंग उड़ाने के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा आधुनिक एयर प्रेशर मशीनों (Air Pressure Machines) का उपयोग किया गया, जिससे करीब 80 फीट की ऊंचाई तक गुलाल के बादल छा गए। लगभग 500 ‘कलर ब्लास्ट’ और 1000 किलो ताजे फूलों की वर्षा ने पूरे वातावरण को जादुई बना दिया। नासिक ढोल की ऊर्जावान थाप पर संत और भक्त एक साथ रास (Traditional Dance) खेलते हुए नजर आए। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और स्वच्छता (Sanitation) का पूरा प्रबंध किया गया था ताकि किसी भी भक्त को असुविधा न हो। भक्ति और उमंग के इस संगम ने सालांगपुर को एक बार फिर दिव्य रंगों से सराबोर कर दिया, जहां हर कोई दादा के रंग में रंगा हुआ दिखाई दिया।

