ऐतिहासिक फैसला: ‘वंदे मातरम’ को मिला राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा, अपमान करने पर होगी जेल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय कैबिनेट की पहली बैठक में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इस बैठक में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को देश की एकता के प्रतीक राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ (National Anthem) के समान दर्जा देने की घोषणा की गई है। सरकार ने इसके लिए ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम’ में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इस बदलाव का उद्देश्य बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित इस महान गीत की गरिमा और सम्मान को कानूनी रूप से सुदृढ़ करना है। अब से ‘वंदे मातरम’ के गान में बाधा डालने या इसका अपमान करने पर वही नियम और दंड लागू होंगे, जो वर्तमान में राष्ट्रगान के लिए निर्धारित हैं।
नए कानूनी प्रावधानों के अनुसार, ‘वंदे मातरम’ का अपमान अब एक संज्ञेय अपराध (Cognizable Offense) माना जाएगा, जिसके तहत पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तारी कर सकती है। वर्तमान कानून के तहत, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रीय गीतों के गायन में व्यवधान उत्पन्न करता है, तो उसे तीन साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। देश वर्तमान में इस गीत की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है, जिसे देखते हुए यह संशोधन अत्यंत प्रासंगिक माना जा रहा है। सरकार के इस कदम से राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान बढ़ेगा और सुरक्षा एजेंसियों (Security Agencies) को नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का अधिकार मिलेगा।

