क्रूज शिप ‘MV Hondius’ पर आउटब्रेक से मची खलबली, 3 की मौत, 12 देशों के मुसाफिरों की तलाश में जुटी स्वास्थ्य एजेंसियां
दक्षिण अटलांटिक महासागर में सफर कर रहे क्रूज शिप ‘MV Hondius’ में जानलेवा हेंटावायरस (Hantavirus) के प्रकोप ने दुनिया भर की स्वास्थ्य एजेंसियों को अलर्ट पर रख दिया है। इस आउटब्रेक (Outbreak) की आधिकारिक पुष्टि होने से पहले ही 12 अलग-अलग देशों के 29 यात्री जहाज छोड़कर अपने देश रवाना हो चुके थे, जिन्हें अब ट्रेस करने के लिए वैश्विक स्तर पर अभियान शुरू किया गया है। संक्रमण की शुरुआत तब हुई जब 24 अप्रैल को जहाज सेंट हेलेना द्वीप पर रुका था, जहाँ पहली मौत को सामान्य माना गया था। हालांकि, 4 मई को संक्रमण की पुष्टि होने तक 3 लोगों की जान जा चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की डॉ. मारिया वान केरखोव ने स्पष्ट किया है कि यह कोविड जैसी किसी वैश्विक महामारी (Global Pandemic) की शुरुआत नहीं है, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है।
संस्था के महानिदेशक टेड्रोस एडनोम घेब्रेयसस ने चेतावनी दी है कि इस वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड (Incubation Period) 6 सप्ताह तक हो सकता है, जिसका अर्थ है कि नए मामले सामने आने की संभावना अभी बनी हुई है। इसी चिंता के कारण उन 29 मुसाफिरों की पहचान और निगरानी (Surveillance) अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है जो अमेरिका और ब्रिटेन सहित अन्य देशों के लिए रवाना हुए थे। हेंटावायरस आमतौर पर कृंतकों (Rodents) के संपर्क से फैलता है और इसके लक्षण काफी घातक हो सकते हैं। वर्तमान में क्रूज शिप पर कड़े क्वारंटीन प्रोटोकॉल (Quarantine Protocol) लागू कर दिए गए हैं और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियां प्रीडेटरी ट्रैकिंग के जरिए संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए रीयल-टाइम डेटा साझा कर रही हैं।

