गुजरात RTO की वेबसाइट पर 3 साल पुराना डेटा, सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल
एक ओर गुजरात सरकार गिफ्ट सिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए सुशासन के वैश्विक दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य के परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। मई 2026 में भी इस वेबसाइट के फुटर में ‘कॉपीराइट © 2023’ लिखा हुआ दिखाई दे रहा है, जो विभाग की डिजिटल सुस्ती को उजागर करता है। आज के आधुनिक युग में जब नागरिक रीयल-टाइम सेवाओं की उम्मीद करते हैं, तब आरटीओ (RTO) और अधिकारियों के संपर्क विवरण के लिए वेबसाइट पर केवल पुरानी पीडीएफ (PDF) फाइलें उपलब्ध हैं। यह विडंबना ही है कि तकनीक के इस दौर में एक महत्वपूर्ण विभाग तीन साल पुराने डेटा और पुरानी प्रणाली (System) पर निर्भर है।
विभागीय अव्यवस्था का आलम यह है कि वेबसाइट का यूजर इंटरफेस (User Interface) आज के मानकों के अनुसार काफी पिछड़ा हुआ है और यह केवल केंद्र सरकार के पोर्टल पर रीडायरेक्ट करने तक ही सीमित है। फरवरी 2026 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया द्वारा ‘डेटा गवर्नेंस’ और ‘एथिकल एआई’ की बड़ी घोषणाओं के बावजूद धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत नजर आती है। यदि आम जनता से सीधा जुड़ा परिवहन विभाग अपनी बुनियादी जानकारी भी समय पर अपडेट नहीं कर सकता, तो सरकार के हाई-टेक गवर्नेंस (High-tech Governance) के दावों पर सवाल उठना लाजमी है। डिजिटल सज्जता के अभाव में नागरिकों को सटीक जानकारी प्राप्त करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

