अहमदाबाद में हाई-वोल्टेज ड्रामा: रिटायर्ड DySP की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और मीडिया के सामने भारी हंगामा
अहमदाबाद के नेहरू नगर इलाके में दिनदहाड़े पांच राउंड फायरिंग (Firing) कर सनसनी फैलाने वाले सेवानिवृत्त डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DySP) अशोक सिंह चौहान और उनके परिवार की गिरफ्तारी के बाद कोर्ट और जेल प्रक्रिया के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला। जब पुलिस टीम पूर्व DySP, उनके बेटे और बेटी को मीडिया के कैमरों के सामने से जेल की ओर ले जा रही थी, तब अशोक सिंह चौहान ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए चिल्लाना शुरू कर दिया। उन्होंने चिल्लाते हुए कहा कि ‘मुझे बहुत कुछ बोलना है, लेकिन यह पुलिस तंत्र मुझे बोलने नहीं दे रहा है।’ पूर्व उच्च पुलिस अधिकारी द्वारा सरेआम इस तरह का आक्रोश व्यक्त किए जाने से पुलिस बेड़े में हड़कंप मच गया। स्थिति को और अधिक बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने तुरंत सख्त रुख अपनाया और तीनों आरोपियों को तुरंत लॉकअप (Lockup) में बंद कर दिया।
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि एक विवादित जमीन (Disputed Land) से जुड़ी हुई है, जहां दोनों पक्षों के करीब पांच से छह लोग आमने-सामने आ गए थे। इस दौरान दोनों गुटों के बीच तीखी बहस और हिंसक झड़प हुई, जो इतनी बढ़ गई कि वहां मौजूद सेवानिवृत्त अधिकारी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकालकर हवा और जमीन पर एक के बाद एक पांच राउंड फायर कर दिए। हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल (Viral) हो रहा है, जिसमें पूर्व अधिकारी ‘बिना अनुमति संपत्ति पर पैर रखने पर लाशें बिछाने’ की धमकी देते हुए साफ नजर आ रहे हैं। इस मामले में कार्रवाई करते हुए सैटेलाइट पुलिस स्टेशन (Police Station) ने पूर्व DySP के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज (Case Registered) कर वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल को अपने कब्जे में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

