આંતરરાષ્ટ્રીય

महायुद्ध का अलर्ट: राष्ट्रपति ट्रम्प के आदेश पर पेंटागनने क्यूबा पर हमले की तैयारी की पूरी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कड़े रुख के बाद पेंटागन ने क्यूबा पर संभावित सैन्य कार्रवाई (Military Action) के लिए अपनी सभी रणनीतिक तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं। क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार को झुकाने के लिए अपनाए गए तमाम आर्थिक और राजनीतिक दबाव जब विफल साबित हुए, तब राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस द्वीप देश पर सैन्य आक्रमण करने की दिशा में गंभीर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। इसके लिए अमेरिकी नौसेना ने मिडिल ईस्ट के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा क्यूबा की समुद्री सीमा के चारों ओर तैनात कर दिया है, ताकि व्हाइट हाउस से अंतिम आदेश मिलते ही तत्काल स्ट्राइक की जा सके। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की तर्ज पर हवाना की शीर्ष लीडरशिप को हिरासत में लेने या चुनिंदा ठिकानों पर गाइडेड मिसाइलों (Guided Missiles) से सटीक हमला करने के रूप में हो सकता है, जो ट्रम्प प्रशासन का तीसरा सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय सैन्य संघर्ष होगा।

इस संभावित युद्ध को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कैबिनेट (Cabinet) की बैठक में स्पष्ट किया कि हमारे तट से महज 90 मील दूर एक असफल राज्य का होना संयुक्त राज्य अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है। क्यूबा को चौतरफा घेरने के लिए अमेरिकी नौसेना का सबसे घातक और लड़ाकू विमानों से लैस ‘USS निमित्ज़’ एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (Strike Group) मई के महीने में ही कैरेबियन सागर में प्रवेश कर चुका है। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी ड्रोन और जासूसी विमान महीनों से क्यूबा की हवाई सीमा पर कड़ा पहरा दे रहे हैं और 2500 मरीन सैनिकों से लैस USS कियर्सार्ज भी वर्जीनिया के तट पर पूरी तरह मुस्तैद है। हालांकि, लंबे समय से चल रहे इन अभियानों के कारण अमेरिकी नौसैनिकों पर भारी मानसिक तनाव देखा जा रहा है, क्योंकि नियमित छह महीने की ड्यूटी के बजाय कई युद्धपोत पिछले 10 महीनों से लगातार समंदर में सक्रिय हैं, जो एक तरफ अरबी समंदर में ईरानी जहाजों की नाकाबंदी (Blockade) कर रहे हैं तो दूसरी तरफ कैरेबियन सागर में मोर्चेबंदी संभाले हुए हैं।

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