मानसून: गुजरात और मुंबई में अभी करना होगा और इंतजार
गुजरात सहित देश भर के किसानों और आम नागरिकों के लिए मौसम विभाग ने मानसून को लेकर कुछ चिंताजनक आंकड़े जारी किए हैं। पश्चिमी तट पर बीते 8 जून से ही दक्षिण-पश्चिमी मानसून की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है और वह ‘स्लो मोशन’ (Slow Motion) मोड में आ गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में वर्तमान में कोई मजबूत कम दबाव का क्षेत्र यानी डिप्रेशन (Depression) सक्रिय नहीं होने के कारण मानसूनी हवाओं की प्रगति पूरी तरह रुक गई है, जिससे अच्छी बारिश के लिए लोगों को अभी कुछ और दिनों तक लंबा इंतजार करना पड़ेगा। आंकड़ों की मानें तो यह वेदर सिस्टम (Weather System) पिछले छह दिनों से तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में स्थिर है और आगामी एक सप्ताह तक किसी नई मजबूत प्रणाली के बनने के कोई आसार नहीं हैं। इस सुस्त चाल के कारण मुंबई में मानसून पहुंचने में अभी 7 से 8 दिनों की देरी हो सकती है, वहीं देश के कुल 723 जिलों में से अब तक मात्र 103 जिलों में ही सामान्य वर्षा (Normal Rainfall) रिकॉर्ड की गई है। गुजरात के प्रमुख शहर अहमदाबाद में भी बादलों की आवाजाही तो शुरू हो गई है, लेकिन इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने के बजाय हवा में भारी उमस (Humidity) बढ़ गई है, जिससे तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है।
हालांकि, इस कड़कती धूप और उमस के बीच मौसम विभाग ने स्थानीय स्तर पर चक्रवाती हवाओं के सक्रिय होने के चलते कुछ राहत भरी खबर भी दी है। इसके तहत राज्य के कई हिस्सों में आज से अगले दो दिनों तक प्री-मानसून (Pre-Monsoon) गतिविधियों के कारण हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। विशेष रूप से दक्षिण गुजरात के जिलों जैसे सूरत, वापी, वलसाड, डांग, दमन और दादरा नगर हवेली में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान (Weather Forecast) है। इसके साथ ही उत्तर गुजरात के बनासकांठा और साबरकांठा जिलों में भी लोकल सिस्टम एक्टिवेट होने के कारण धूल भरी आंधियों के साथ सामान्य मानसूनी फुहारें देखने को मिल सकती हैं। भले ही मुख्य मानसून की आधिकारिक एंट्री (Official Entry) में अभी थोड़ा समय लगेगा, लेकिन इस शुरुआती प्री-मानसून शावर से झुलसती गर्मी और बढ़ते तापमान से त्रस्त नागरिकों को तात्कालिक रूप से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

