अहमदाबाद में ट्रैफिक और रोड सेफ्टी के लिए AMC का मास्टर प्लान: 2,000 TRB जवानों की होगी भर्ती
अहमदाबाद में आवारा मवेशियों के आतंक, अवैध कब्जों, अनधिकृत पार्किंग और ट्रैफिक समस्याओं को लेकर गुजरात हाई कोर्ट में दायर अवमानना याचिका के दौरान अहमदाबाद नगर निगम (AMC) द्वारा विस्तृत ट्रैफिक और रोड सेफ्टी पॉलिसी (Road Safety Policy) पेश की गई है। इस नई नीति के तहत शहर के फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने, ट्रैफिक सुरक्षा के लिए एआई (AI) कैमरों का दायरा बढ़ाने, 2,000 नए टीआरबी (TRB) जवानों की भर्ती करने और स्वचालित जुर्माना प्रणाली को मजबूत करने जैसे कई बड़े फैसले शामिल किए गए हैं। रिपोर्ट में सड़क हादसों के बेहद चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं, जिसके अनुसार 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच शहर में सड़क दुर्घटनाओं में 454 लोगों की मौत हुई है, यानी रोजाना औसतन एक व्यक्ति अपनी जान गंवा रहा है।
ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शहर के प्रमुख जंक्शनों पर लगे 1,655 कैमरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से अपग्रेड किया जाएगा। वर्तमान में सक्रिय 6,200 कैमरों की क्षमता में 6,000 नए कैमरे जोड़कर इनकी संख्या 12,200 की जाएगी, जिससे प्रति वर्ग किलोमीटर 25 कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा सकेगी। यह एआई सिस्टम पहले चरण में 19 और दूसरे चरण में 31 ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को पहचानकर सीधे पेनल्टी जनरेट करेगा। इसके अतिरिक्त शहर में अवैध पार्किंग की समस्या से निपटने के लिए एक समर्पित पार्किंग सेल (Parking Cell) का गठन किया गया है और ‘ज़ीरो टॉलरेंस रोड’ नीति लागू की गई है। आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए 22 टीमें लगातार काम कर रही हैं, जिन्होंने अब तक 14,000 ढोरों को पकड़ा है, जबकि ट्रैफिक जाम से जुड़ी शिकायतों के लिए 1095 हेल्पलाइन (Helpline) सेवा शुरू की गई है।

