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अयोध्या राम मंदिर डोनेशन चोरी मामला: SIT जांच में बड़ा खुलासा, CCTV का सिर्फ 45 दिन का बैकअप उपलब्ध

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में गठित विशेष जांच दल यानी एसआईटी (SIT) की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई तकनीकी और डिजिटल चुनौतियां सामने आ रही हैं। पिछले 6 दिनों से जारी सघन जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मंदिर परिसर में सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी (CCTV) कैमरों का डेटा स्टोरेज बैकअप (Storage Backup) केवल 45 दिनों तक ही सीमित है। इस कारण यह पता लगाना बेहद मुश्किल हो गया है कि चोरी की यह वारदात कब से शुरू हुई थी। सबसे चिंताजनक बात यह है कि प्राथमिक जांच में उपलब्ध डिजिटल डेटा के साथ छेड़छाड़ (Tampering) किए जाने के संकेत मिले हैं, क्योंकि 45 दिन पुराना डेटा सिस्टम से ऑटो-डिलीट हो चुका है। अब इस डिजिटल लूपहोल को सुलझाने और डिलीट किए गए फुटेज को रिकवर करने के लिए जांच एजेंसी अत्याधुनिक फोरेंसिक लैब (Forensic Lab) की मदद ले रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

इस संवेदनशील मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और विपक्ष के राजनीतिक हमलों पर तीखा पलटवार (Counterattack) किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर ट्रस्ट के आधिकारिक अनुरोध के बाद ही सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करने के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने अतीत में रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, वे आज इस पवित्र धाम को बदनाम करने के लिए दुष्प्रचार कर रहे हैं। सीएम योगी ने सभी से अपील की है कि जब तक अगले 15 दिनों में जांच एजेंसी की फाइनल रिपोर्ट (Final Report) नहीं आ जाती, तब तक अनावश्यक बयानबाजी से बचें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इस कृत्य में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और यदि किसी के पास इस संबंध में कोई लिखित साक्ष्य है, तो वह सीधे एसआईटी को सौंप सकता है।

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