अमेरिका की चेतावनियां दरकिनार: भारत ने रूस से खरीदा रिकॉर्ड क्रूड ऑयल
अमेरिका द्वारा रूसी कच्चा तेल (Crude Oil) खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ (Tariff) लगाने के संकेतों के बावजूद, भारत ने जुलाई महीने में रूस से रिकॉर्ड मात्रा में तेल का आयात किया है। सरकारी व बाजार आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में भारत का कुल दैनिक तेल आयात लगभग 50 लाख बैरल रहा, जिसमें से अकेले रूस से प्रतिदिन 27 से 28 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा गया। यह पहला अवसर है जब भारत की कुल तेल खरीद में रूस की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर गई है। इस बड़ी वृद्धि के साथ ही रूस ने पारंपरिक आपूर्ति करने वाले देशों जैसे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब को पीछे छोड़ दिया है, जिनकी संयुक्त आपूर्ति भी वर्तमान में रूस के दैनिक आंकड़े से कम दर्ज की गई है।
बाजार विश्लेषकों और शोध विशेषज्ञों (Research Analysts) का मानना है कि भारत की ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण (Energy Diversification) की रणनीति बेहद सफल साबित हुई है। इस रणनीति की बदौलत ही विपरीत भू-राजनीतिक (Geopolitical) परिस्थितियों और पश्चिमी एशिया में जारी अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय रिफाइनरियों (Refineries) को लगातार कच्चा तेल मिलता रहा। रूस द्वारा कच्चे तेल पर दी गई छूट (Discount) से भारत को अपने राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित करने में भी बड़ी मदद मिली है। जब पश्चिमी देशों और अमेरिकी दबाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता का माहौल है, तब रूस भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा है।

