विदाई से पहले सेना प्रमुख का बड़ा बयान: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दुनिया को दिखाया भारत का दम
भारतीय थल सेना प्रमुख (Chief of the Army Staff) जनरल उपेंद्र द्विवेदी चार दशकों से अधिक की शानदार सेवा के बाद आज, 30 जून को सेवानिवृत्त (Retire) हो रहे हैं। अपने कार्यकाल के आखिरी दिन उन्होंने देश की सुरक्षा और सैन्य शक्ति पर कई महत्वपूर्ण बयान दिए। जनरल द्विवेदी ने विशेष रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) का जिक्र करते हुए कहा कि इस अभियान ने भारत के लिए एक नया सामान्य (New Normal) स्थापित किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस रणनीतिक कदम से पूरी दुनिया में भारत की बढ़ती सैन्य ताकत का एक बेहद स्पष्ट संदेश गया है।
सीमा पार से पनपने वाले आतंकवाद (Terrorism) का मुकाबला करने के लिए उन्होंने पड़ोसी देश पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी। पूर्व सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी उकसावे या आतंकी खतरे का मुंहतोड़ और आक्रामक जवाब (Aggressive Reply) देने के लिए पूरी तरह सक्षम है। वहीं, चीन के साथ लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर स्थिति के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वहां हालात फिलहाल स्थिर (Stable) हैं, लेकिन संवेदनशीलता को देखते हुए लगातार सतर्कता (Alertness) बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने एक रोचक तथ्य साझा किया कि दोनों देशों के बीच गलतफहमियों को दूर करने के लिए साल में लगभग 1100 बार बैठकें होती हैं, जिसका मतलब है कि प्रतिदिन औसतन तीन बार दोनों सेनाओं का आमना-सामना होता है।

