ધર્મ દર્શનરાષ્ટ્રીય

बद्रीनाथ धाम में दान चोरी के आरोपों से हड़कंप: मंदिर समिति ने दिए आंतरिक जांच के आदेश, अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी

अयोध्या के राम मंदिर के बाद अब उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की राशि में हेराफेरी और चोरी होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया (Social Media) पर इस घटना से जुड़े विवरण और वीडियो वायरल होने के बाद, श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत आंतरिक जांच के सख्त आदेश दे दिए हैं। बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर बताया कि करोड़ों भक्तों की अटूट आस्था से जुड़े इस मामले को समिति ने अत्यंत गंभीरता से लिया है और महज 24 घंटे के भीतर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) द्वारा दान राशि की गिनती की प्रक्रिया में शामिल सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ (Show-Cause) नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है, साथ ही एक निष्पक्ष और तथ्य-आधारित जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है।

यह पूरा मामला तब खुलकर सामने आया जब हिंदू संगठन ‘भैरव सेना’ के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री ने 3 जुलाई 2026 को बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रंगड़ को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा। इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 2 जुलाई को सुबह करीब 8:30 बजे बद्रीनाथ धाम में दान की गिनती के दौरान चोरी की यह घटना घटित हुई, जो वहां सुरक्षा के लिए लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में भी साफ तौर पर रिकॉर्ड हुई है। शिकायतकर्ता का दावा है कि मंदिर समिति के अध्यक्ष के कथित निजी सहायक (Personal Assistant) ने ही दान पेटी की इस पवित्र राशि में से पैसे चुराए हैं, जिसके खिलाफ तुरंत पुलिस में प्राथमिकी यानी एफआईआर (FIR) दर्ज होनी चाहिए। मंदिर समिति के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल साल 2014 से वहां पीए के रूप में कार्यरत है और अप्रैल 2026 में जारी की गई रोस्टर सूची के तहत उसे दान की गिनती करने वाली मुख्य टीम का सदस्य बनाया गया था।

ads image

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *