ऐतिहासिक फतह: लॉर्ड्स के मैदान पर भारतीय महिला टीम की सबसे बड़ी जीत, इंग्लैंड को 270 रनों से हराया
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स (Lords) क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 270 रनों से करारी शिकस्त देकर इतिहास रच दिया है। 149 वर्षों के लंबे टेस्ट क्रिकेट इतिहास में लॉर्ड्स के मैदान पर कोई भी टेस्ट मैच जीतने वाली भारतीय टीम दुनिया की पहली महिला टीम बन गई है। मैच के चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों ने बेहद घातक और अनुशासित प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड की पूरी टीम को दूसरी पारी में महज 186 रनों पर समेट दिया। इंग्लैंड की टीम ने चौथे दिन अपने तीसरे दिन के स्कोर 130/6 से आगे खेलना शुरू किया था, लेकिन स्नेह राणा और दीप्ति शर्मा की शानदार फिरकी के सामने मेजबान टीम का निचला क्रम पूरी तरह ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 285 रन बनाए थे, जिसमें स्मृति मंधाना (83), कप्तान हरमनप्रीत कौर (58) और दीप्ति शर्मा (57) के महत्वपूर्ण अर्धशतक (Half Century) शामिल थे। इसके जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी सिर्फ 170 रनों पर सिमट गई, जिससे भारत को 115 रनों की विशाल बढ़त हासिल हुई। भारत ने दूसरी पारी में यस्तिका भाटिया के शानदार 113 रनों के शतक, स्मृति मंधाना के 70 रन और ऋचा घोष के अर्धशतक की बदौलत 341/7 पर अपनी पारी घोषित (Declare) कर इंग्लैंड को 457 रनों का विशाल लक्ष्य दिया था। इस यादगार मैच में भारतीय खिलाड़ी क्रांति गौड़ (पहली पारी में 5 विकेट) और यस्तिका भाटिया (शतक) ने लॉर्ड्स के प्रसिद्ध ऑनर्स बोर्ड (Honours Board) पर अपना नाम दर्ज कराने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनने का गौरव हासिल किया।

