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प्रधानमंत्री मोदी जापान पहुंचे, जापान और चीन के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक महत्वपूर्ण दो-चरणों की विदेश यात्रा पर निकल चुके हैं, जिसमें वह पहले जापान और फिर चीन का दौरा करेंगे। 28 अगस्त को अपनी यात्रा पर रवाना होने के बाद, वे टोक्यो के हानेडा हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत के हितों को बढ़ावा देना, क्षेत्रीय और वैश्विक शांति को मजबूत करना, और द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

जापान दौरा: रणनीतिक और तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा

यात्रा के पहले चरण में, प्रधानमंत्री मोदी 29 और 30 अगस्त को जापान में रहेंगे। यहां, वे अपने जापानी समकक्ष शिगेरू इशिबा के साथ एक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस यात्रा का मुख्य फोकस पिछले 11 वर्षों में हुई प्रगति को आगे बढ़ाना और विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस दौरान आर्थिक और निवेश संबंधों का विस्तार करने के साथ-साथ AI और सेमीकंडक्टर जैसी नई तकनीकों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। यह यात्रा भारत और जापान के बीच सभ्यता और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करेगी।

चीन दौरा: SCO शिखर सम्मेलन में भागीदारी

जापान के बाद, प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को चीन के तियानजिन शहर जाएंगे। वहां वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि वे तियानजिन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए उत्सुक हैं।

भारत SCO का एक सक्रिय और रचनात्मक सदस्य है और संगठन के भीतर साझा चुनौतियों का समाधान करने और क्षेत्रीय सहयोग को गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत ने अपने कार्यकाल के दौरान नवाचार, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में नई पहल की है।

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