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Credit Card पर सख्ती: दूसरों के खर्च चुकाकर रिवॉर्ड पॉइंट कमाने वालों को इनकम टैक्स विभाग का नोटिस

रिवॉर्ड पॉइंट (Reward Points) या कैशबैक (Cashback) कमाने के लालच में, जो लोग दूसरों के खर्चों का भुगतान (Payment) अपने क्रेडिट कार्ड (Credit Card) से कर रहे हैं, उन पर आयकर विभाग (Income Tax Department) की कड़ी कार्रवाई हो रही है। ऐसे मामलों में जहाँ करदाताओं (Taxpayers) का खर्च उनकी घोषित आय (Income) से काफी अधिक हो जाता है, उन्हें नोटिस (Notice) जारी किए जा रहे हैं। चूँकि करदाता इन क्रेडिट कार्ड लेन-देनों (Transactions) को अपने आईटीआर (ITR – Income Tax Return) में दिखाते ही नहीं हैं, इसलिए आयकर विभाग इसे अघोषित आय (Undisclosed Income) मानकर कार्रवाई कर रहा है।

एनुअल इंफॉर्मेशन सिस्टम (AIS – Annual Information System) में वित्तीय लेन-देनों का पता लगाने की व्यवस्था अब बहुत मजबूत हो चुकी है। आयकर विभाग इस तरह के पेमेंट पैटर्न (Payment Pattern) को तुरंत पहचान लेता है, जहाँ क्रेडिट कार्ड का उपयोग हाउस रेंट अलाउंस (HRA) क्लेम करने के लिए नकली किराया (Fake Rent) चुकाने या दोस्तों/रिश्तेदारों के बिल भरने के लिए किया जाता है। आयकर अधिकारी इस खर्च को अघोषित खर्च मानकर इस पर टैक्स डिमांड (Tax Demand) जारी करते हैं। आयकर अधिनियम की धारा 270-A के तहत अघोषित आय पर 50% का जुर्माना (Penalty) लगाया जाता है, और विभाग इसे एक गंभीर अपराध मानते हुए 200% तक का जुर्माना भी लगा सकता है। विभाग करदाता के लिए धारा 69B (अघोषित खर्च) या धारा 69/69A (अघोषित आय) के प्रावधानों को लागू कर रहा है, और रिवॉर्ड पॉइंट से कमाई गई राशि को भी जब्त कर सकता है।

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