AHMEDABAD: कनाडा वीजा स्कैम- 7.48 करोड़ की ठगी करने वाले आरोपियों को राहत नहीं
कनाडा के वीजा और पीआर (Permanent Residency) दिलाने के नाम पर 60 निर्दोष लोगों के साथ 7.48 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी विजय हरसिंधिया और कृतिका सोनवणे की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। आरोपियों ने ‘ओवरसीज गेटवे’ नामक फर्जी एजेंसी के जरिए किसानों और मध्यम वर्ग के लोगों को अपना शिकार बनाया था। जांच में खुलासा हुआ कि इन लोगों ने कनाडा की प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम पर फर्जी वर्क परमिट (LMIA) और एंडोर्समेंट लेटर तैयार किए थे। इन जाली दस्तावेजों (Fake Documents) के कारण न केवल लोगों की मेहनत की कमाई डूब गई, बल्कि उन पर कनाडा दूतावास द्वारा 5 साल का प्रतिबंध (Ban) भी लगा दिया गया है।
सरकारी वकील ने अदालत में दलील दी कि यह एक सुनियोजित साजिश (Conspiracy) थी और आरोपी कंपनी के निदेशक के रूप में सक्रिय थे। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि विदेश जाने की इच्छा का लाभ उठाकर की गई यह धोखाधड़ी एक गंभीर आर्थिक अपराध (Economic Offense) है, जिसका समाज पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अभियोजन पक्ष ने चिंता जताई कि यदि आरोपियों को रिहा किया गया, तो वे साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं या फरार सह-आरोपियों की मदद कर सकते हैं। कोर्ट ने वर्तमान जांच की स्थिति और अपराध की गंभीरता (Gravity) को देखते हुए आरोपियों को जेल में ही रखने का फैसला सुनाया है।

