मिडल ईस्ट में महायुद्ध का खतरा: अमेरिका ने अपने नागरिकों को 12 से ज्यादा देश छोड़ने का दिया अल्टीमेटम, वैश्विक ऊर्जा संकट गहराया
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय (US State Department) ने सोमवार को एक अत्यंत गंभीर एडवाइजरी जारी की है। सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों को सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत, कतर और ओमान सहित मध्य-पूर्व के एक दर्जन से अधिक देशों को तत्काल प्रभाव से छोड़ने की अपील की है। स्टेट डिपार्टमेंट की असिस्टेंट सेक्रेटरी मोरा नामदार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों में सुरक्षा की गारंटी देना कठिन है, इसलिए नागरिक उपलब्ध वाणिज्यિક परिवहन (Commercial Transportation) का उपयोग कर इन क्षेत्रों से बाहर निकल जाएं। इस संकट से निपटने के लिए अमेरिका ने एक अंतर-एजेंसी आपातकालीन टास्क फोर्स (Emergency Task Force) को भी सक्रिय कर दिया है, जो हर पल की स्थिति पर नजर रख रही है।
युद्ध के इस माहौल ने न केवल मानव सुरक्षा बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बना सकता है, जो दुनिया की तेल आपूर्ति का सबसे प्रमुख मार्ग है। इस धमकी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतों (Energy Prices) में भारी उछाल देखा जा रहा है। वर्तमान में यह चेतावनी बहरीन, मिस्र, इराक, जॉर्डन, लेबनान और यमन जैसे अस्थिर क्षेत्रों के लिए भी लागू है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो वैश्विक स्तर पर ईंधन की भारी कमी (Fuel Shortage) हो सकती है। फिलहाल, सभी प्रभावित देशों में अमेरिकी दूतावास अपने नागरिकों की सुरक्षित निकासी (Evacuation) के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

