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संकट में मसीहा बने इफકો अध्यक्ष दिलीप संघानी: जॉर्डन में फंसी देश की बेटी की सुरक्षित वतन वापसी, मानवीय सेवा की अनूठी मिसाल

युद्ध और अनिश्चितता के इस कठिन समय में जब एक भारतीय परिवार की उम्मीदें टूटने लगी थीं, तब इफको (IFFCO) के अध्यक्ष दिलीप संघानी और उनकी टीम ने सच्ची मानवीय सेवा (Humanitarian Service) का परिचय दिया। कनाडा से भारत लौटते समय जॉर्डन में फंसी देश की एक बेटी के चिंतित माता-पिता ने जब श्री संघानी से अपनी पीड़ा साझा की, तो उन्होंने तुरंत दिल्ली स्थित प्रबंध निदेशक (Managing Director) के.जे. पटेल और जॉर्डन के संयुक्त उपक्रम जेआईएफसीओ (JIFCO) से संपर्क साधा। श्री संघानी ने स्वयं फोन के जरिए पूरी स्थिति की निगरानी (Monitoring) की और सुनिश्चित किया कि वहां फंसे नागरिक को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। जेआईएफसीओ के सीएफओ (CFO) दीपक यादव और उनकी समर्पित टीम ने युद्ध जैसी कठिन परिस्थितियों के बीच वीज़ा, सुरक्षित आवास और भोजन जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं युद्ध स्तर पर पूरी कीं।

यह घटना केवल एक प्रशासनिक सहयोग नहीं बल्कि इफको के “परिवार भाव” का एक सजीव उदाहरण (Living Example) है, जिसने साबित कर दिया कि असली नेतृत्व वही है जो संकट में अपनों के साथ खड़ा रहे। आज वह बेटी सुरक्षित अपने घर लौट आई है और उसके परिवार की खुशियां फिर से वापस मिल गई हैं। श्री दिलीप संघानी, के.जे. पटेल और दीपक यादव के इस अथक प्रयास ने वैश्विक स्तर पर भारतीय नेतृत्व (Leadership) की संवेदनशीलता और जवाबदेही की एक नई मिसाल कायम की है। जॉर्डन प्रवास की हालिया तस्वीरों में इन अधिकारियों की सक्रियता स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है, जो यह दर्शाती है कि मुश्किल समय में सही समन्वय (Coordination) और सेवा भाव किसी भी बड़ी आपदा को मात दे सकता है।

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